होंठों पर बार-बार निकल आते हैं पिंपल्‍स, इन नुस्‍खों से मिलेगी राहत

पिंपल्‍स चेहरे पर किसी दाग की तरह होते हैं क्‍योंकि यह सुंदरता को कम कर देते हैं। पिंपल्स आपके शरीर और चेहरे के किसी भी हिस्से पर पॉप अप कर सकते हैं। अमूमन पीठ, छाती और चेहरे के टी-ज़ोन पर पिंपल्स हो जाते हैं लेकिन कुछ एरिया ऐसे भी होते हैं, जहां पर पिंपल्स बेहद कम ही पॉपअप करते हैं। इन्हीं एरिया में से एक है लिप्स यहां तक की लिप लाइन पर भी हो जाते हैं। हालांकि लिप लाइन पर पिंपल पूरी तरह से सामान्य हैंं लेकिन यह बेहद निराशाजनक होता है। होंठों के पिंपल्स टच करने पर दर्द होता है और इसके सेंटर में सिंगल ब्लैकहैड या व्हाइटहेड होता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि आपके चेहरे पर इस्‍तेमाल किए जाने वाले सामान्य ट्रीटमेंट इसके लिए असुरक्षित समझे जाते हैं क्‍योंकि किसी चीज को निगलना आसान होता है जब वह आपके मुंह के करीब हो। 

लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि कुछ नेचुरल तरीकों की मदद से आप इस समस्‍या से आसानी से बच सकती हैं। यह आपके किचन या बगीचे में पाए जाते हैं और आपकी त्‍वचा के ट्रीटमेंट के लिए कोमल चिकित्‍सा प्रदान करते हैं। लेकिन इन उपायों को आजमाने से पहले इस बात का पता लगाएं कि यह पिंपल्‍स किन कारणों से होते हैं। कहीं यह कोल्‍ड सोर्स तो नहीं है जो एक वायरल इंफेक्‍शन है जो होंठ पर विकसित होता है। आइए होंठों पर होने वाले पिंपल्‍स से छुटकारा पाने के लिए नेचुरल तरीकों के बारे में जानें।

1. नींबू का रस

नींबू का रस एक प्रभावी एंटी-बैक्‍टीरियल एजेंट है जो उपभोग करने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। कई अध्ययनों से पता चला है कि नींबू का रस मुंहासे वल्गरिस के लिए एक प्रभावी क्लींजर है। नींबू के रस को लगाने पर एस्ट्रिजेंट गुण त्वचा में कसाव पैदा करते हैं। यह तेल और किसी भी गंदगी को बाहर धकेलता है क्योंकि इसे त्वचा पर प्राकृतिक रूप से निचोड़ा जाता है। फिर इसे हटा दिया जा सकता है। इसे लगाने के बाद साफ पानी का इस्‍तेमाल करके इसे हटाएं और सॉफ्ट टॉवल से ड्राई कर लें।

2. तुलसी के पत्ते

तुलसी के पत्ते भी होंठों पर होने वाले पिंपल्‍स को दूर करने का बहुत अच्‍छा आयुर्वेदिक उपाय हैं। सल्फर के सामयिक अनुप्रयोग और टेट्रासाइक्लिन की 500 मिलीग्राम की खुराक का कॉम्बिनेशन मुंहासों की एक बहुत अच्‍छी दवा के रूप में काम करती है। आपको बस इतना करना है कि एक साफ कॉटन का इस्‍तेमाल करके प्रभावित क्षेत्र पर तुलसी का रस लगाएं।

3. नीम का तेल या पत्तियां

नीम के पत्तों का उपयोग मुंहासों के इलाज के लिए काफी समय से किया जा रहा है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि नीम (तेल और कुचल पत्तियों दोनों) प्रभावित त्‍वचा पर लगाने से पिंपल्‍स के आकार को छोटा किया जा सकता है। नीम के नेचुरल एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह संभव है। नीम का तेल काफी मजबूत होता है इसलिए इसे पिंपल्‍स पर लगाने से पहले नारियल या जैतून के तेल के साथ मिक्‍स कर लें। हालांकि नीम का तेल आमतौर पर मध्यम मात्रा में वयस्कों के लिए सुरक्षित है, बच्चों को उल्टी जैसे दुष्प्रभाव का अनुभव हो सकता है।

4. स्‍टीम

चेहरे और मुंह को स्‍टीम देकर पोर्स को बंद और गंदगी को हटाया जा सकता है। यह एक सौम्य शुद्ध के रूप में काम करता है जो सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है। लेकिन इसके लिए ऐसे बर्तन का इस्‍तेमाल करने से बचें जिसका इस्‍तेमाल आप भोजन के लिए करती हैं। ऐसा करने से अधिक अशुद्धियों को आपके पोर्स में प्रवेश करने से रोकेगा। इसके लिए आप एक फेशियल स्‍टीमर खरीद सकती हैं। एक सौम्य क्लीन्ज़र या साफ़ पानी से अपना चेहरा धो लें और स्‍टीम लेने से पहले चेहरे को ड्राई कर लें। अपने चेहरे को गर्म करने के लिए स्‍टीम दें और पोर्स को खोलें ताकि उनमें मौजूद कोई भी अशुद्धियां या तेल बाहर निकल जाए। फिर एक साफ मुलायम कपड़े से पोंछ दें, डबिंग मोशन का उपयोग करें ताकि गंदगी या तेल न फैले। बाद में अपने पोर्स को बंद करने के लिए अपने चेहरे पर ठंडे पानी से छीटें मारें।

5. बर्फ

लाल और सूजे हुई पिंपल्‍स के लिए आइस पैक लगाएं। बस एक नरम कपड़े या टिशू में कुछ बर्फ के टुकड़े लपेटें और होंठों पर लगाएं। इससे इस त्‍वचा में ब्‍लड फ्लो और सर्कुलेशन धीमा हो जाएगा। इससे आपकी सूजन और दर्द कम होगा और यह रेडनेस को भी कम करता है।

6. ग्रीन टी

ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है। ये दो पदार्थ सीबम के उत्पादन को रोकते हैं, प्राकृतिक तेल जब पिंपल्स के लिए जिम्मेदार होते हैं, तब अधिक मात्रा में या गंदगी के साथ निर्मित होते हैं। इसके अलावा ग्रीन टी एंटीबैक्‍टीरियल होती है और इसमें हार्मोन को संतुलित करने की क्षमता होती है। इसलिए, यह अंदर और बाहर से काम कर सकती है। रोजाना लगभग 2-3 कप ग्रीन टी का सेवन करें और इसे सामयिक अनुप्रयोग के साथ संयोजित करें। इसके लिए थोड़ी सी पत्तियों को पानी में उबालकर सॉफ्ट कर लें और इसका पानी निकालकर मुहांसों पर लगाने के लिए कुछ ग्रीन टी की पत्तियों को लें।

7. हल्दी

हल्दी में कर्क्यूमिन होता है। करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। चूंकि होठों पर दाने बैक्टीरिया के विकास का एक परिणाम है और जिसमें आमतौर पर सूजन भी होती हैं। लेकिन एंटी-बैक्टीरियल होने के कारण हल्दी लिप पिंपल्स पर प्रभावी तरीके से काम करती है। इसे इस्तेमाल करने के लिए हल्दी पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। इसके बाद अपने हाथों को अच्छी तरह साफ करके उंगलियों की मदद से या फिर क्यू टिप की मदद से इसे सीधे दाने पर लगाएं। इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें और फिर गर्म पानी से धोएं। बेहतर परिणामों के लिए दिन में दो बार दोहराएं।

8. टमाटर

टमाटर सैलिसिलिक एसिड में समृद्ध है। यह एक शक्तिशाली बीएचए है जो गंदगी और बैक्टीरिया से भरे छिद्रों को पिंपल का इलाज करने में मदद करता है। पके टमाटर का एक छोटा टुकड़ा लें और इसे कांटे से कुचल दें। गूदे को सीधे अपने लिप पिंपल पर लगाएं और 10 मिनट तक लगा रहने दें। सर्वोत्तम परिणामों के लिए दिन में तीन बार दोहराएं।

9. शहद

शहद में हीलिंग व एंटी-माइक्रोबायल प्रॉपर्टीज होती हैं। यह विभिन्न त्वचा समस्याओं के उपचार के लिए यह एक अद्भुत प्राकृतिक घटक है। मुँहासे और त्वचा की जलन से लेकर ब्लैकहेड्स और समय से पहले बूढ़ा होने तक की समस्याओं से शहद बेहतरीन तरीकों से निपट सकता है। इसके रोगाणुरोधी गुण बैक्टीरिया से लड़ते हैं और पिंपल्स की उपस्थिति को कम करते हैं। लिप पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए एक छोटे चम्मच में शहद लें और इसे साफ उंगलियों या क्यू-टिप का उपयोग करके दाना पर लगाएं। इसे 30-60 मिनट तक रहने दें और फिर इसे धो लें। प्रभावी परिणामों के लिए दिन में 2-3 बार दोहराएं।

10. कैस्टर ऑयल

पिंपल के लिए कैस्टर ऑयल जैसे थिक ऑयल का इस्तेमाल करना अजीब लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह बेहद लाभदायक है। एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर होने के साथ-साथ इसमें रिकिनोइलिक एसिड होता है जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। यह स्किन टिश्यू को रिपेयर करने के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को प्रिवेंट करता है। अरंडी के तेल की एक बूंद लें और इसे सीधे दाना पर लगाएं। आप इसे रात भर रख सकते हैं और सुबह इसे धो सकते हैं। हालांकि अगर आपकी स्किन ऑयली है तो आपको इस कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल करने से बचें।

सावधानी

  • इन प्राकृतिक उपचारों के अलावा, ब्रेकआउट और सूजन को रोकना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यहां कुछ चीजें हैं जो आप अपनी त्वचा को साफ और हेल्‍दी रखने के लिए करनी चाहिए। 
  • प्रभावित क्षेत्र पर लिप ग्‍लास, बाम या बहुत अधिक मेकअप का इस्‍तेमाल करने से बचें। यह प्रोडक्‍ट अवांछित गंदगी और पार्टिकुलेट के लिए चुंबक भी हैं।
  • होंठों को अच्छी तरह से साफ करें। भोजन, नाश्ते या पेय के बाद हमेशा अपना मुंह धोएं। एक साफ कपड़े या नरम तौलिया के साथ धीरे से थपथपाकर इसे पोंछकर सुखाएं।
  • पिंपल से छुटकारा पाने के लिए उस जगह पर स्क्रब न करें। यह केवल इसे बदतर बना देगा। 
  • अपने चेहरे को छूने से बचें क्‍योंकि आपके हाथ अनजाने में चेहरे पर जाते हैं जिससे बैक्‍टीरिया और गंदगी इकट्ठी हो जाती है। हर बार जब आप अपना चेहरा छूती हैं, तो आप कुछ को अपनी त्वचा पर स्थानांतरित करते हैं, जो संभवतः आपके मुंहासे को बदतर बनाते हैं।

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