मासिक धर्म में ऐसे करें करवा चौथ व्रत का पालन, शास्त्रों में नहीं है इसकी मनाही

प्रकृति ने स्त्री को ऐसा बनाया है कि उसे हर महीने मासिक धर्म (Periods) के चक्र से गुजरना होता है। इसको लेकर धार्मिक और सामाजिक जीवन में कई तरह की भ्रांतियां हैं। जबकि इसी चक्र के कारण स्त्री पुरुषों से अधिक शुद्ध, शक्तिशाली और प्रभावशाली बनती हैं।

इसके बारे में देवी पार्वती ने शिव पुराण में कहा है कि अगर मासिक धर्म के कुछ नियमों का पालन किया जाए तो स्त्री अपने सुहाग की आयु बढ़ा सकती है साथ ही अपने वैवाहिक जीवन को अधिक आनंदित, सुखी और संपन्न बना सकती हैं। इन नियमों में व्रतों के धार्मिक नियम, संयम और पवित्रता का महत्व बताया गया है।

इन विशेष व्रतों में प्रदोष व्रत, तीजा व्रत, चतुर्थी व्रत और हर महिला के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत करवा चौथ का व्रत के समय सबसे ज्यादा धर्म संकट होता है। महावारी के दौरान व्रत करना चाहिए या नहीं महिलाएं समझ नहीं पाती है। अगर आहार विशेषज्ञों की माने तों उनका ये तर्क रहता है कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक इस व्रत के दौरान महिलाओं को भूखा और प्यासा रहना पड़ता है।

माहवारी के दौरान पहले से महिलाओं के शरीर का एनर्जी लेवल कम होता है। आइए जानते हैं महावारी के दौरान महिलाओं को व्रत को कैसे पूरा किया जाना चाहिए।

ऐसे करें करवा चौथ व्रत

शास्त्रों के अनुसार महिलाएं मासिक धर्म के दौरान बिना किसी शंका के व्रत रख सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार कहीं भी व्रत करने पर प्रतिबंध नहीं है। लेकिन इस दिन करवा चौथ माता की कथा किसी और द्वारा सुन सकती हैं। ध्यान रहे की आप कथा की किताब को सपर्श नहीं कर सकती हैं। आप भगवान की पूजा भी नहीं कर सकती हैं। बस व्रत रहा जा सकता है। यह नियम मासिक धर्म में पड़ने वाले सभी विशेष व्रतों में पालन किए जा सकते हैं। सोलह सोमवार आदि संकल्प व्रतों में व्यवहार में अपनाए। इससे व्रत भंग का दोष नहीं लगता और व्रत धर्म का पालन भी हो जाता है।

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घटने लगता है एनर्जी लेवल

महावारी की वजह से शरीर का एनर्जी लेवल बहुत कम हो जाता है। जिस वजह से आपको कमजोरी और चक्कर सा महसूस होने लगता है। और जब आप महावारी के दौरान कोई भी व्रत करते है तो एनर्जी का स्तर कम होने लगता है। इससे शरीर में पहले से संचित शुगर बर्न होने लगता है। लेकिन कुछ मात्रा में ग्लूकोज लीवर में ग्लाइकोजेन के रूप में स्टोर रहता है जो कुछ ही घंटों में खत्म हो जाता है। उसके बाद शरीर में मौजूद एमिनो एसिड, ग्लूकोज बनाने के लिए मांसपेशियों के ऊतक का इस्तेमाल करने लगता है। लेकिन इस प्रक्रिया के वजह से भी शरीर में जमा ग्लकोज जल्दी खत्म होने लगता है।

खूब पीएं पानी

महावारी के दौरान व्रत करना है तो व्रत शुरू होने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। क्योंकि पूरे दिन हाइड्रेट यानि शरीर में जल की मात्रा संतुलित रहने से आपको महावारी के दौरान पेट में दर्द नहीं होगा। सुबह सरगी में सेब और नट्स जरूर खाएं। इससे पेट में गैस की समस्या नहीं बनेगी और आप में एनर्जी भी बनी रहेगी।

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लें भरपूर नींद

महावारी के दौरान शरीर का एनर्जी लेवल कई गुना तक कम हो जाता है। इस वजह से शरीर में थकान और कमजोरी आना जाहिर सी बात है। अपने शरीर को रिपेयर करने के लिए जरुरी है कि आप एक भरपूर नींद लें। इससे कम थोड़ा रिफ्रेश सा महसूस होगा।

सरगी में खाएं न्यूट्रिशयन फूड

करवा चौथ के व्रत की शुरूआत सरगी से की जाती है। अगर आप महावारी के दौरान व्रत रख रही हैं तो सरगी में कुछ पौष्टिक आहार ही खाएं जैसे सेब और कुछ ड्राय फ्रूट्स। रोटी और उपमा को आहार में शामिल करने से आप पूरे दिन खुद को भरपेट और एनर्जेटिक महसूस करेंगे।

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